डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जिनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था, भारतीय दर्शनिक, शिक्षाविद्, और भारतीय गणराज्य के पहले राष्ट्रपति रहे हैं। उन्हें भारतीय शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है।


कुछ महत्वपूर्ण बिंदुएं:


1. **दर्शनिक और शिक्षाविद्:** डॉ. राधाकृष्णन भारतीय दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व रहे हैं और उन्होंने भारतीय शिक्षा के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान किया।


2. **राष्ट्रपति बनना:** उन्होंने 1962 में भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला था।


3. **उपमाध्यक्ष:** उन्होंने पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा के उपमाध्यक्ष के पद को भी संभाला था।


4. **भारतीय दर्शन के प्रचारक:** उन्होंने भारतीय दर्शन को विश्व में प्रस्तुत किया और उनकी पुस्तक "इंडियन फिलॉसफी" इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।


5. **उपहार और सम्मान:** उन्हें 1954 में भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, से सम्मानित किया गया था।


डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय सोच के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं और उनके दर्शनिक और शिक्षाविद्या में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है।